मुंबई के पास उत्तन स्थित ‘रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी’ (RMP) में भाजपा ने एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया है, जिसे ‘भाजपा की पाठशाला’ कहा जा रहा है। 20 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस देशव्यापी प्रशिक्षण अभियान का मुख्य केंद्र महाराष्ट्र है, लेकिन इसमें मध्य प्रदेश के कई दिग्गज मंत्री और संगठन के बड़े नेता शामिल हो रहे हैं।
यह ट्रेनिंग सत्र राज्य की सियासत में बड़े बदलाव के संकेत दे रहा है। यहाँ इस ‘पाठशाला’ की मुख्य बातें और इसके राजनीतिक मायने दिए गए हैं:
| विवरण | जानकारी (Details) |
| स्थान | रामभाऊ म्हाळगी प्रबोधिनी, उत्तन (मुंबई के करीब) |
| थीम | ‘व्यक्ति निर्माण से संस्था निर्माण और संस्था निर्माण से राष्ट्र निर्माण’ |
| प्रमुख प्रशिक्षक | बी.एल. संतोष (राष्ट्रीय संगठन महामंत्री), शिव प्रकाश (राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री) |
| मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व | कैबिनेट मंत्री, वरिष्ठ विधायक और संगठन के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारी। |
क्या ट्रेनिंग मिलेगी और क्या बदलेगा?
- विपक्ष के ‘फेक नैरेटिव’ का मुकाबला: नेताओं को सिखाया जा रहा है कि सोशल मीडिया और जमीनी स्तर पर विपक्ष द्वारा फैलाए गए कथित झूठ (Misinformation) को तथ्यों के साथ कैसे काटें।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग: चुनाव प्रबंधन और जनता से जुड़ने के लिए Saral App और AI आधारित टूल्स की ट्रेनिंग दी जा रही है।
- सिद्धांत और आचरण: भाजपा ने 2026 को ‘प्रशिक्षण वर्ष’ घोषित किया है। इसमें नेताओं को “नेता बनने से पहले कार्यकर्ता बनने” का पाठ पढ़ाया जा रहा है, ताकि सत्ता के कारण आने वाले अहंकार को दूर रखा जा सके।
- सरकारी योजनाओं का प्रचार: केंद्र और राज्य सरकार (जैसे लाड़ली बहना, पीएम आवास) की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने की नई रणनीतियाँ तैयार की जा रही हैं।
एमपी की सियासत पर असर
- अनुशासन: इस ट्रेनिंग के बाद मंत्रियों और विधायकों के कार्य करने के तरीके में अधिक अनुशासन और ‘प्रोफेशनलिज्म’ दिखने की उम्मीद है।
- 2028 की तैयारी: हालांकि चुनाव में अभी समय है, लेकिन भाजपा कैडर को अभी से ‘इलेक्शन मोड’ में रखने की तैयारी कर रही है।
- नेतृत्व विकास: मध्य प्रदेश के युवा मंत्रियों को राष्ट्रीय स्तर के नेताओं के साथ सीधे संवाद का मौका मिल रहा है, जो भविष्य के नेतृत्व के लिए महत्वपूर्ण है।
















