भोपाल, 21 मार्च 2026। राजधानी भोपाल के बड़े तालाब (अपर लेक) पर अतिक्रमण का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। हाल ही में कराए गए ड्रोन सर्वे की तस्वीरों में तालाब की सीमा के भीतर एक 2 मंजिला पक्की बिल्डिंग और उसी परिसर में बना स्वीमिंग पूल साफ नजर आ रहा है। यह तस्वीरें पहली बार सामने आई हैं।
यह निर्माण सीधे तौर पर पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, NGT के आदेशों और रामसर साइट के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन है। नियमों के अनुसार तालाब के FTL से 300 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार का निर्माण पूरी तरह प्रतिबंधित है।
ड्रोन तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होते ही शहर में आक्रोश फैल गया। पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने तत्काल अतिक्रमण हटाने और दोषियों पर FIR दर्ज करने की मांग की है। साथ ही NGT में याचिका दायर करने की भी तैयारी है।
इस मामले ने नगर निगम, BDA और जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच शुरू कर दी गई है और दोषी पाए जाने पर सख्त कार्रवाई होगी।
गौरतलब है कि बड़ा तालाब भोपाल की 40% आबादी को पीने का पानी देता है और इसे 11वीं सदी में राजा भोज ने बनवाया था।
















