प्रशासन ने इस बार सुरक्षा के ऐसे इंतजाम किए हैं कि परिंदा भी पर न मार सके। धार शहर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
- सुरक्षा बल: 8,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं, जिनमें SAF की कंपनियां और STF के जवान शामिल हैं।
- तकनीकी निगरानी: 200 से ज्यादा हाई-डेफिनिशन CCTV कैमरे परिसर के अंदर और बाहर लगाए गए हैं। 3 ड्रोन कैमरों से आसपास की गलियों पर नज़र रखी जा रही है।
- प्रवेश व्यवस्था: श्रद्धालुओं को केवल आधार कार्ड दिखाने और सघन तलाशी के बाद ही अंदर जाने दिया जा रहा है। मोबाइल और बैग ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध है।
| कार्यक्रम | समय (Time) | विवरण |
| सूर्यस्त पूजा | प्रातः 06:30 से दोपहर 12:00 बजे तक | हिंदू समाज के श्रद्धालु मां सरस्वती की पूजा और हवन कर रहे हैं। |
| परिसर खाली करना | दोपहर 12:00 से 01:00 बजे तक | सुरक्षा बल परिसर को पूरी तरह खाली कराएंगे और सफाई की जाएगी। |
| जुमे की नमाज | दोपहर 01:00 से 03:00 बजे तक | मुस्लिम समुदाय के लोग परिसर के अंदर नमाज अदा करेंगे। |
| पुनः पूजा | दोपहर 03:30 से सूर्यास्त तक | नमाज के बाद पुनः हिंदू श्रद्धालुओं को दर्शन और पूजा के लिए प्रवेश मिलेगा। |
धार की भोजशाला में बसंत पंचमी का उत्सव हमेशा से संवेदनशील रहा है, लेकिन ASI के हालिया सर्वे (2024-25) के बाद यह पहली बसंत पंचमी है। हिंदू पक्ष इसे ‘वाग्देवी का मंदिर’ मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे ‘कमाल मौला की मस्जिद’ कहता है।
आज की स्थिति: सुबह से ही ‘जय श्री राम’ और ‘मां सरस्वती की जय’ के उद्घोष के साथ हजारों श्रद्धालु कतारों में खड़े हैं। महाराजा भोज उत्सव समिति ने आज अखंड ज्योति प्रज्ज्वलित की है। प्रशासन ने धारा 144 लागू कर रखी है और सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट करने वालों के खिलाफ साइबर सेल को एक्टिव कर दिया गया है।
नमाज की चुनौती: दोपहर 1 बजे होने वाली नमाज के दौरान शांति बनाए रखना सबसे बड़ी चुनौती है। इसके लिए मुस्लिम समाज के वरिष्ठों और हिंदू संगठनों के बीच समन्वय बैठकें पहले ही की जा चुकी हैं। आईजी (IG) और कमिश्नर खुद मौके पर मौजूद रहकर स्थिति की निगरानी कर रहे हैं।















