छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले से सहकारिता क्षेत्र में एक बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। बरमकेला अपेक्स बैंक की 17 सहकारी समितियों में लगभग 10 करोड़ रुपये का बैंक घोटाला उजागर हुआ है। इस घोटाले में करीब 900 किसानों के नाम पर फर्जी तरीके से लोन (ऋण) निकालकर राशि का गबन किया गया है।
राज्य शासन की सिफारिश पर अब इस पूरे मामले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) ने संभाल ली है।
घोटाले का पूरा घटनाक्रम: फर्जीवाड़ा कैसे हुआ?
यह घोटाला तब प्रकाश में आया जब कई किसानों को बैंक से रिकवरी के नोटिस मिले, जबकि उन्होंने कभी कोई ऋण लिया ही नहीं था।
| विवरण | जानकारी (Details) |
| बैंक शाखा | अपेक्स बैंक, बरमकेला शाखा |
| दायरा | 17 सहकारी समितियाँ |
| घोटाले की राशि | लगभग ₹10 करोड़ (प्रारंभिक अनुमान) |
| प्रभावित किसान | 900 से अधिक किसान |
| मुख्य आरोपी | बैंक कर्मचारी और समिति प्रबंधक (8 पर FIR दर्ज) |
प्रारंभिक जांच और पुलिस की FIR के अनुसार, इस घोटाले को बेहद शातिराना ढंग से अंजाम दिया गया था।
घोटाले के प्रमुख तरीके:
- किसानों के दस्तावेजों का दुरुपयोग: बैंक और समिति के कर्मचारियों ने किसानों के पुराने दस्तावेजों और आधार कार्ड का उपयोग कर उनकी जानकारी के बिना लोन फाइलें तैयार कीं।
- फर्जी दस्तखत: कई अनपढ़ या भोले-भाले किसानों के फर्जी अंगूठे के निशान और हस्ताक्षर बनाकर कर्ज की राशि स्वीकृत कराई गई।
- सिस्टम में हेराफेरी: बैंक की ऑनलाइन एंट्री में गड़बड़ी कर राशि को किसानों के खातों के बजाय बिचौलियों या कर्मचारियों के स्वयं के खातों में ट्रांसफर कर लिया गया।
- 900 किसानों की परेशानी: जांच में पाया गया कि कई किसानों के नाम पर ₹50,000 से लेकर ₹2 लाख तक का फर्जी लोन निकाला गया है।
EOW की कार्रवाई: पुलिस द्वारा स्थानीय स्तर पर 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने के बाद, अब EOW और ACB (Anti-Corruption Bureau) ने इस मामले की फाइलें अपने हाथ में ले ली हैं। जांच का दायरा केवल बरमकेला तक सीमित नहीं है; प्रदेश भर में अन्य सहकारी बैंकों में हुए इसी तरह के करीब ₹150 करोड़ के संभावित घोटालों की भी कड़ियों को जोड़ा जा रहा है।

















