अनिल अग्रवाल ने सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक पोस्ट लिखकर इस दुखद समाचार को साझा किया। उन्होंने इसे अपने जीवन का “सबसे काला दिन” बताया।
अग्निवेश अग्रवाल: एक परिचय
- जन्म: उनका जन्म 3 जून 1976 को बिहार की राजधानी पटना में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था।
- शिक्षा: उनकी शुरुआती परवरिश पटना में हुई, जिसके बाद उन्होंने राजस्थान के प्रसिद्ध मेयो कॉलेज (Mayo College), अजमेर से अपनी स्कूली शिक्षा पूरी की।
- व्यक्तित्व: पिता के अनुसार, अग्निवेश न केवल एक सफल लीडर थे, बल्कि एक बेहतरीन खिलाड़ी, संगीतकार और बेहद मिलनसार व्यक्ति थे।
व्यावसायिक उपलब्धियां
अग्निवेश अग्रवाल ने वेदांता समूह की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई:
- Fujairah Gold: उन्होंने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में ‘फुजैराह गोल्ड’ की स्थापना की और उसे एक नई पहचान दी।
- Hindustan Zinc: वे लंबे समय तक ‘हिंदुस्तान जिंक’ के चेयरमैन रहे (2005-2019)।
- TSPL: वर्तमान में वे वेदांता की ही कंपनी ‘तलवंडी साबो पावर लिमिटेड’ (TSPL) के बोर्ड में शामिल थे।
कैसे हुआ हादसा? (250-300 शब्द)
जानकारी के अनुसार, अग्निवेश अमेरिका में अपने दोस्तों के साथ स्कीइंग (Skiing) के लिए गए थे, जहाँ वे एक दुर्घटना का शिकार हो गए। उन्हें तत्काल न्यूयॉर्क के माउंट सिनाई अस्पताल (Mount Sinai Hospital) में भर्ती कराया गया।
दुर्भाग्यपूर्ण मोड़: अनिल अग्रवाल ने बताया कि अग्निवेश अस्पताल में अच्छी तरह से रिकवर हो रहे थे। परिवार को उम्मीद थी कि वे जल्द ठीक होकर घर लौटेंगे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था; रिकवरी के दौरान ही उन्हें अचानक कार्डियक अरेस्ट आया और डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उन्हें बचाया नहीं जा सका।
“एक पिता के कंधे पर बेटे की अर्थी जाए, इससे बुरा और क्या हो सकता है। अग्निवेश सिर्फ मेरा बेटा नहीं, मेरा दोस्त और मेरा गर्व था।” – अनिल अग्रवाल
75% संपत्ति दान करने का संकल्प
बेटे को याद करते हुए अनिल अग्रवाल ने अपना वह पुराना संकल्प फिर दोहराया कि वे अपनी कमाई का 75% से अधिक हिस्सा समाज सेवा में लगाएंगे। उन्होंने कहा कि वे अब और भी सादगी से जीवन जिएंगे और उन सपनों को पूरा करेंगे जो उन्होंने अग्निवेश के साथ मिलकर देश के लिए देखे थे।
उनके परिवार में अब उनकी माता किरण अग्रवाल, पिता अनिल अग्रवाल और बहन प्रिया अग्रवाल (चेयरपर्सन, हिंदुस्तान जिंक) हैं।
















