केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने छत्तीसगढ़ की पूर्व कांग्रेस सरकार पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। 8 फरवरी 2026 को रायपुर में आयोजित एक कार्यक्रम (‘ऑर्गनाइजर’ का कॉनक्लेव) को संबोधित करते हुए उन्होंने सीधे तौर पर आरोप लगाया कि प्रदेश की पिछली भूपेश बघेल सरकार ने माओवादी आतंक को संरक्षण दिया।
यहाँ गृह मंत्री के संबोधन और सुरक्षा समीक्षा बैठक की मुख्य बातें दी गई हैं:
अमित शाह का तीखा प्रहार: मुख्य आरोप
| मुख्य बिंदु | गृह मंत्री का बयान (Key Quotes) |
| संरक्षण का आरोप | “मैं पूरी जिम्मेदारी से कह रहा हूं कि भूपेश बघेल की सरकार ने माओवादी आतंक को प्रश्रय दिया।” |
| डेडलाइन (Deadline) | “देश 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा।” |
| विचारधारा बनाम विकास | “माओवाद विकास की कमी नहीं, बल्कि एक विनाशकारी कम्युनिस्ट विचारधारा है।” |
| सुरक्षा बलों का मनोबल | “डबल इंजन सरकार ने बस्तर में सुरक्षा बलों को खुली छूट दी, जिससे नक्सलियों की कमर टूट गई।” |
अपने तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान अमित शाह ने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य की वर्तमान ‘डबल इंजन’ सरकार माओवाद को जड़ से खत्म करने के अंतिम चरण में है।
अमित शाह के भाषण की प्रमुख बातें:
- हथियारबंद समूहों को प्रश्रय: शाह ने कहा कि किसी लोकतांत्रिक सरकार द्वारा हथियारबंद समूहों को संरक्षण देना उनकी समझ से परे है। उन्होंने दावा किया कि पिछली सरकार के दौरान नक्सलियों के खिलाफ अभियान ढीले पड़े, जिससे उन्हें फिर से संगठित होने का मौका मिला।
- विचारधारा पर प्रहार: उन्होंने उन बुद्धिजीवियों को भी आड़े हाथों लिया जो माओवाद को ‘विकास की कमी’ या ‘कानून-व्यवस्था’ का मुद्दा बताते हैं। शाह ने उदाहरण दिया कि 1980 के दशक में बस्तर से ज्यादा पिछड़े 100 जिले थे, लेकिन वहां माओवाद क्यों नहीं फैला? उन्होंने इसे बंदूक की नली से समाधान खोजने वाली एक हिंसक विचारधारा बताया।
- समन्वय की आवश्यकता: रायपुर में हुई उच्च स्तरीय सुरक्षा समीक्षा बैठक में शाह ने पड़ोसी राज्यों (ओडिशा, महाराष्ट्र, तेलंगाना) के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि छत्तीसगढ़ से भाग रहे नक्सलियों को अन्य राज्यों में पनाह न मिले।
- विकास और पुनर्वास: गृह मंत्री ने बताया कि बस्तर के उन क्षेत्रों में अब स्कूल, सड़कें और बैंक पहुँच रहे हैं जो दशकों से कटे हुए थे। उन्होंने बचे हुए नक्सलियों से हथियार डालने की अपील की और ‘रेड कार्पेट स्वागत’ के साथ बेहतर पुनर्वास का वादा किया।


















