मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक नाबालिग लड़की के साथ जंगल में सामूहिक दुष्कर्म (Gangrape) की वारदात को अंजाम दिया गया। हालांकि, पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी सात आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
यहाँ इस संवेदनशील मामले और पुलिस की कार्रवाई का पूरा विवरण दिया गया है:
यह घटना उस समय हुई जब नाबालिग लड़की अपने एक परिचित के साथ जा रही थी, तभी आरोपियों ने उन्हें रास्ते में रोककर जंगल की ओर खींच लिया।
मामले का विवरण (Case Summary)
- वारदात का स्थान: अलीराजपुर जिले के सोंडवा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाला एक सुनसान जंगल।
- आरोपियों की संख्या: कुल 7 युवक, जो स्थानीय बताए जा रहे हैं।
- धाराएं: पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ IPC की धारा 376(D) और POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है।
- गिरफ्तारी: वारदात के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित की और जंगलों में घेराबंदी कर सभी सातों को दबोच लिया।
घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश देखा गया, जिसे देखते हुए जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) ने स्वयं कमान संभाली और मामले की ‘फास्ट ट्रैक’ जांच के निर्देश दिए।
मुख्य अपडेट:
- मेडिकल जांच: पीड़िता को तत्काल अस्पताल भर्ती कराया गया, जहाँ उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है। महिला पुलिस अधिकारियों द्वारा उसकी काउंसलिंग की जा रही है।
- आरोपियों की पहचान: गिरफ्तार आरोपियों में कुछ आदतन अपराधी भी शामिल हो सकते हैं, जिनका पिछला रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।
- कड़ी सजा की मांग: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर संज्ञान लेते हुए स्पष्ट किया है कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार इन आरोपियों के खिलाफ कठोरतम वैधानिक कार्रवाई के साथ-साथ उनके अवैध निर्माणों पर भी बुलडोजर कार्रवाई पर विचार कर रही है।
- ग्रामीणों का सहयोग: पुलिस ने बताया कि आरोपियों को पकड़ने में मुखबिरों और कुछ स्थानीय ग्रामीणों की सूचना बहुत काम आई।
निष्कर्ष: सामूहिक दुष्कर्म जैसी जघन्य वारदातें समाज के लिए कलंक हैं। अलीराजपुर पुलिस की तत्परता ने आरोपियों को सलाखों के पीछे तो पहुँचा दिया है, लेकिन ऐसे मामलों को रोकने के लिए सामाजिक जागरूकता और सुनसान इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ाने की आवश्यकता फिर से महसूस की जा रही है।













