देश में संसदीय लोकतंत्र को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में आयोजित अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारियों के 86वें सम्मेलन में एक ऐतिहासिक क्षण देखने को मिला, जब लोकसभा अध्यक्ष, राज्यसभा के उपसभापति और देशभर की विधानसभाओं के समस्त स्पीकरों ने एक साथ सामूहिक छायाचित्र खिंचवाया।
इस सम्मेलन में संसद और राज्यों की विधानसभाओं के पीठासीन अधिकारियों ने संवैधानिक मूल्यों, विधायी प्रक्रियाओं में सुधार, डिजिटल संसद, ई-विधान प्रणाली और लोकतांत्रिक परंपराओं को सशक्त बनाने जैसे विषयों पर गहन मंथन किया।
सम्मेलन का उद्देश्य संसदीय कार्यवाही को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनोन्मुखी बनाना है। लोकसभा अध्यक्ष और राज्यसभा उपसभापति ने अपने संबोधन में कहा कि पीठासीन अधिकारियों की भूमिका केवल सदन संचालन तक सीमित नहीं, बल्कि लोकतंत्र की मर्यादा बनाए रखने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी भी उन्हीं पर होती है।
सभी स्पीकरों का एक साथ छायाचित्र न केवल इस सम्मेलन की स्मरणीय उपलब्धि बना, बल्कि यह भारतीय संघीय ढांचे और संसदीय एकता का भी सशक्त प्रतीक माना जा रहा है।

















